अधिकारियों का फरमान, गोदाम से रखी अपनी सरसों वापिस लें किसान

Charkhi Dadri Haryana

सत्यखबर चरखी दादरी (विजय कुमार) – प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की सरसों की फसल खरीदने के लिए अपै्रल माह में आदेश जारी किए थे। किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाये और मंडी अधिकारियों द्वारा टोकन मिलने के बाद अपनी सरसों की फसल भी बेच दी। लेकिन एक माह के बाद फसल का भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों को फरमान मिला कि उनको भुगतान नहीं किया जाएगा। खरीद गई फसल जो गोदामों में रखी है, किसान उसे वापिस लें। ऐसे में किसानों व आढतियों ने रोष जताते हुए बड़ा आंदोलन करने के साथ-साथ कोर्ट का दरवाजा खटखाने का निर्णय लिया है। वहीं मंडी अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में वे उच्चाधिकारियों से पत्र व्यवहार कर रहे हैं, जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा।

चरखी दादरी जिले के सैंकड़ों किसानों को अपै्रल माह में सरसों खरीद के लिए मार्केट कमेटी द्वारा टोकन जारी किए गए थे। जिसके बाद किसान अपनी फसल बेचकर भुगतान का इंतजार कर रहे थे। एक माह बाद खरीद एजेंसियों व मंडी प्रशासन द्वारा किसानों के टोकन वापिस कर दिए और उनकी खरीदी गई सरसों की फसल को गोदामों से वापिस लेने का फरमान सुना दिया। ऐसे में किसान मार्केट कमेटी व प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। आढतियों व किसानों की मानें तो मार्केट कमेटी द्वारा करीब 1500 किसानों की 16 करोड़ रुपए की सरसों खरीद के लिए टोकन जारी किए थे। खरीद एजेंसियों द्वारा सरसों खरीदकर गोदामों में भी रखवा दिया गया था। अब भुगतान नहीं होने पर किसान मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे तो उनको जानकारी मिली कि उनकी सरसों खरीदी ही नहीं गई। क्योंकि अपै्रल माह में सरकार ने रजिस्ट्रेशन कर टोकन जारी करने के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन विभाग के रिकार्ड में ऐसा कुछ नहीं मिला। जिसके कारण किसानों को जारी किए टोकन वापिस करते हुए सरसों को गोदाम से उठाने का फरमान मिला है।

सरसों की बिक्री कर चुके दर्जनों किसान बुधवार को मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से भुगतान की मांग की। मंडी प्रशासन ने भी इस संबंध में मुख्यालय का हवाला देते हुए कुछ भी करने से मना कर दिया। किसान जयभगवान, दलबीर सिंह, सुरेंद्र व जय सिंह ने बताया कि सरकारी भाव पर सरसों की बिक्री के लिए अप्रैल के दूसरे सप्ताह में रजिस्ट्रेशन करवाया था। उन्होंने सरकारी खरीद एजेंसी के पास अपने सभी जरूरी कागजात जमा करवा दिए। जिसके बाद उनकी सरसों की सरकारी भाव पर कर ली गई तथा तुलाई भी करवा दी। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी उनके बैंक खाते में सरसों बिक्री की राशि नहीं डाली गई। अब खरीद एजेंसी के कर्मचारी की कॉल आई की उनके कागजातों में कमी है। इसलिए उन्हें सरसों की पेमेंट नहीं की जा सकती है। ऐसे में अब किसान को अपनी सरसों वापस ले जानी होगी।

किसानों के साथ मिलकर करेंगे आंदोलन, कोर्ट जाएंगे
मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि खरीद एजेंसियों द्वारा जिले के संैकड़ों किसानों की सरसों खरीद ली थी और तुलाई करवाकर गोदामों में भिजवा दिया था। अब किसानों को गोदामों से सरसों वापिस लेने व भुगतान नहीं करने का फरमान मिला है, ऐसे में आढति किसानों के साथ हैं और बिक्री हुई फसल का पूरा भुगतान लेंगे। ऐसे नियमों से तो मार्केट कमेटी अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसानों व आढतियों को काफी नुकसान होगा। इस मामले को लेकर मीटिंग करके बड़ा आंदोलन करेंगे और कोर्ट की शरण लेंगे।

उच्चाधिकारियों से बात कर करवाएंगे समस्या का हल
मंडी सुपरवाइजर रामकिशन ने बताया कि जिन किसानों ने 11 अप्रैल के बाद अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर सरसों की बिक्री की थी उनकी राशि अभी तक नहीं किसानों के खातों में जमा नहीं करवाई गई है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत की जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की पेमेंट कैसे रोकी गई है, इस बारे में मुख्यालय से पत्र व्यवहार किया जा रहा है। बाद बीजेपी नेताओं की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल, बीजेपी नेताओं ने की हुड्डा को वोट देने की अपील