अन्नदातओं का विरोध प्रदर्शन, चेतावनी देते हुए बैनर पर लिखा मुआवजा दो वोट लो, मुआवजा नहीं तो वोट नहीं

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सत्यखबर फरीदाबाद (मनोज सूर्यवंशी) – अन्नदातओं ने पैदल मार्च करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रौष जताया और सरकार को अन्नदातओ ने चेतावनी देते हुए बैनर पर लिखा है कि मुआवजा दो वोट लो, मुआवजा नहीं तो वोट नहीं ।

बता दें की किसान संघर्ष समिति के बैनर तले फरीदाबाद सेक्टर 12 लघु सचिवालय पर नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद के सैकड़ों किसानों ने पैदल मार्च करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा ।गौरतलब है की किसान 2013 में सरकार द्वारा अधिकृत की गई जमीन का मुआवजा मांगने के लिए पिछले 4 साल से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कोर्ट के आदेशों के बाद भी बढ़ा हुआ मुआवजा भाजपा सरकार किसानों को नहीं दे रही है। 2013 में कांग्रेस ने करीब 800 परिवारों की 1029 एकड़ जमीन अधिकृत की थी किसानों ने चेतावनी दी है कि मुआवजा दो वोट लो, मुआवजा नहीं तो वोट नहीं, किसानों के प्रदर्शन को तिगांव विधानसभा के कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने भी समर्थन दिया है।

2019 के लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही किसानों ने भाजपा सरकार को चेतावनी देना शुरू कर दिया है किसानों ने बैनर पर लिखा है कि मुआवजा दो वोट लो, मुआवजा नहीं तो वोट नहीं। ऐसा करने के लिए सरकार ने ही किसानों को मजबूर किया है तस्वीरों में दिखाई दे रहे हैं यह फरीदाबाद नहर पार के सैकड़ों किसान है जिनकी करीब 1029 एकड़ जमीन 2013 में कांग्रेस ने अधिकृत कर ली थी उसके बाद भाजपा सरकार में कोर्ट ने इन किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने के आदेश दिए।

कोर्ट के आदेशों के बाद भी भाजपा सरकार ने अभी तक किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया है किसान पिछले 4 सालों से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं जिस कड़ी में आज किसानों ने पैदल मार्च निकालते हुए जमकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। किसान नेता सतपाल नरवत ने बताया कि भाजपा सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है जिसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा। नरवत ने साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि वह गांव गांव में जाकर सरकार के खिलाफ बिगुल बजा रहे हैं अगर सरकार ने जल्द ही किसानों को मुआवजा नहीं दिया तो वह नेताओं को गांव में घुसने नहीं देंगे।

वहीं प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे तिगांव विधानसभा से कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने कहा कि वह किसानों की मांग विधानसभा सत्र में उठाएंगे अगर उसके बाद भी किसानों ने सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो किसान लघु सचिवालय के सामने बैठकर भूख हड़ताल करेंगे।