आंतकी फंडिग से बनाई जा रही मस्जिद फिर विवादों के घेरे में!

Haryana Palwal

सत्यखबर हथिन (सुखदेव तेवतिया) – जिले के उटावड़ गांव में आंतकी फंडिग से बनाई जा रही खुलाफा ऐ राशिद्दीन नामक मस्जिद एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सूत्रों के अनुशार मस्जिद निर्माण में पैसा लगाने वाले मोहम्मद सलमान के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लाड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जांच शुरू कर दी है। वहीं करनी सेना के राष्टीय प्रवक्ता संजय राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे मेवात के अंदर कई ऐसी मस्जिद हैं जहां टैंरर फंडिंग का पैसा लगा है वहां आतंकवादी बसें हुए हैं इनकी भी जांच एनआईए टीम और सरकार को करनी चाहिए।

पलवल जिले के उटावड़ गांव की मस्जिद आए दिन विवादों में बनी रहती है। कुछ ही महीनों पहले एनआईए की टीम ने मस्जिद के इंचार्ज सलमान को टैरर फंडिंग मस्जिद के निर्माण में लगाने के आरोप में दो साथियों सहित गिरफ्तार किया था और जांच में सामने आया कि सलमान ने दुबई के रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक कामरान से हवाला के जरिय़े करोडों रूपया लिया था जिसमें से करीब ७० लाख रुपये उटावड़ की खुलाफा ऐ राशिद्दीन नामक मस्जिद के निर्माण में लगाया गया था। जांच के बाद केवल उटावड़ मस्जिद ही नही, बल्कि ऐसी अन्य मस्जिदों व मदरसों खुलासा हुआ जिनमें इस तरह की फंडिंग का पैसा लगा था। फिलहाल मस्जिद निर्माण में पैसा लगाने वाले मोहम्मद सलमान के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लाड्रिंग रोकथाम कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

ईड़ी की जांच में आंतकी फंडिग से बने मदरसों व मस्जिदों की संपत्ति को जब्त करने की योजना ईडी द्वारा बनाई जा रही है। आपको बता दें कि पिछले वर्ष अक्तूबर माह में एनआईए ने उटावड़ में आंतकी फंडिग से बाई जा रही मस्जिद का खुलासा करते हुए इमाम मोहम्मद सलमान सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनके पास लश्कर ए तैयबा की संस्था फलां ऐ इंशानियत से करोडों पैसा आया था। इस मामले का खुलासा होने के बाद एनआईए ने उटावड़ में मस्जिद की तलाशी ली थी तथा काफी दस्तावेज हांसलि किए थे। सुत्रो के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मोहम्मद सलमान के खिलाफ मनी लाड्रिंग के तहत जांच शुरू कर दी गई है। इससे यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। ईडी की एक टीम गुपचुप तरीके से उटावड़ ही नही मेवात में चल रहे मदरसों व मस्जिदों की पूरी जांच करने में जुटी है। यहां के लोगों का कहना है कि यह इस मस्जिद में चंदे का पैसा लगा है जो आस-पास के लोगों ने चंदे में दिया है।

ये शाजिस के तहत बदनाम करने की शाजिस है। इडी की जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो इसके हम भी खिलाफ हैं। सभी सामाजिक संस्थाएं व धार्मिक स्थल चंदे के पैसे से ही बनती हैं। सलमान ने जो पैसा ‌लिया है वह दुबई के कमरान से लिया है यदि वह पाकिस्तानी है या आतंकवादियों से संबंध रखता है तो उसके खिलाफ कारवाई होनी चाहिये। इससे यह शाबित नहीं होता कि उटावड़ की मस्जिद में आतंकी पैसा लगा है। हम भी इस तरह के कार्यों में चंदे का ही इस्तेमाल करते हैं। इस मस्जिद के निर्माण में हिंदुओं से भी चंदा लेकर पैसा लगाया है। मेवात जिले का इतिहास है कि यहां हिन्दु- मुस्लिम सभी भाइचारे के साथ रहते हैं यहां सांमप्रदायिक्ता जैसी कोई बात नहीं है।

वहीं इस बारे में करणी सेना के राष्टीय प्रवक्ता संजय सिंह राणा का कहना है कि मेवात आतंकियों का गढ़ बना हुआ है जहां पर आतंकी गतिविधियां पनप रही है। इस तरह की कई मस्जिद और मदरसे भी मेवात में हैं जहां पर आतंकी फंडिंग होने की बाते सामने आती हैं और वहां आतकी पनप रहे हैं सरकार और एनआईए टीम को उनकी की गहनता से जांच करनी चाहिए। ताकि आतंकी हाफिज शइद के पैसे का इस्तेमाल मेवात के अंदर न हो।