रहस्यमयी हालातों में लापता चार लोगों का मामला सुलझा!

Haryana Palwal

सत्यखबर पलवल (मुकेश बघेल) – मिन्डकोला गांव के चार लोगों के रहस्यमयी हालातों में लापता होने का मामला उत्तरप्रदेश पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में मिले दो शवों की पहचान भी हो गयी है। दोनों शव मिन्डकोला गांव के लेखन और कुंवरपाल के बताये गए हैं। वहीं मृतक लेखन के भाई अजीत ने अपने ही गांव के दो आरोपियों पर जान से मारने की नियत से अपहरण करने आरोप लगाया है। जिस संबंध में हथीन थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया गया है कि आरोपियों ने इस हत्याकांड को अंजाम तीन करोड़ से ज्यादा बीमा राशि हड़पने के इरादे से दिया था। यूपी पुलिस ने एक आरोपी को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया जबकि दुसरे की तलाश की जा रही है।

पलवल गौरतलब है कि गांव मिंडकोला निवासी लालाराम व रोहताश ने अपने गांव निवासी लेखन व कुंवरपाल को पहले शराब पिलाई और कार में बंद कर उन्हें जिन्दा जला दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया छह फरवरी की रात्रि को इस घटना को अंजाम दिया गया है। सात फरवरी की सुबह बरसाना छाता रोड पर ईको गाडी में दो लाशें जली मिली। पहले तो उत्तरप्रदेश पुलिस इसे दुर्घटना मान रही थी। लेकिन लालाराम और रोहताश के बारे में जानकारी जुटाई तो पूरा मामला सामने आ गया। घटनाक्रम के मुताबिक छह फरवरी बुधवार को हथीन थाने के गांव मिन्डकोला निवासी लालाराम और रोहताश ईको कार लेकर घर से निकले थे। इनके साथ गांव के ही लेखन और कुंवरपाल भी थे। जब लालाराम और रोहताश घर नहीं पहुंचे तो लालाराम के बडे भाई चिरंजी लाल ने हथीन थाना में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया। उधर बरसाना छाता रोड पर कार में मिले कंकालनुमा दोनों शवों की पहचान नहीं हो पाई।

उत्तरप्रदेश प्रदेश पुलिस उनकी डीएनए जांच करने के ही प्रक्रिया में ही थी कि रविवार को उनकी गिरफ्त में लालाराम आ गया। लालाराम से कडाई से पूछताछ की गयी तो सब राज खुल गया। जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि लालाराम और रोहताश ने हाल ही में तीन करोड बीस लाख रूपये का बीमा कराया था। इस मामले में पुलिस ने एक बीमा एजेंट को भी हिरासत में लिया और पूछताछ की। जिसमें बीमा प्रक्रिया के मामले में सारा रहस्य खोल दिया। इसके बाद लालाराम ने इकबाल किया कि खुद को व अपने साथी रोहताश को मरा साबित करने के लिए दोनों ने कुंवरपाल और लेखन को जिन्दा जलाकर मार डाला। जिससे बीमा राशि की रकम को हडपा जा सके। वारदात से पहले दोनों ने लेखन व कुवंरपाल को खूब शराब पिलाई। नशे में धुत्त लेखन और कुंवरपाल को ईको में बैठा दिया। इसके बाद गाडी में सीएनजी लीक करके आग लगा दी गयी। वारदात के बाद लालाराम और रोहताश गायब हो गए।

पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस के आधार पर लालाराम को गिरफ्तार कर लिया और उसके बाद ही सारा राज खुला। मृतक लेखन के भाई अजीत ने बताया कि इस मामले में हथीन पुलिस का रवैया लापरवाही पूर्ण बना हुआ है। उन्होंने अपने भाई के मामले में प्रार्थना पत्र दिया। मृतक लेखन के भाई अजीत ने बरसाना थाना में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दे दी है। वहीं अजीत ने सोमवार को सैंकड़ो ग्रामीण के साथ हथीन डीएसपी सुरेश कुमार से मुलाकात की और आरोपी लालाराम व रोहताश के खिलाफ शिकायत दी कि इन्होनों उसके भाई लेखन व गांव निवासी कुवंरपाल का हत्या की नियत से अपहरण किया था। इस बारे में डीएसपी सुरेश कुमार का कहना है कि अजीत की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।