सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस की कारवाई, फ़र्ज़ी नंबर प्लेट की कार काबू

Haryana YamunaNagar

सत्यखबर यमुनानगर (सुमित ओबेरॉय) – यमुनानगर में सोशल मीडिया की पोस्ट पर पुलिस ने की बड़ी कारवाई। फेसबुक पर डाली गई पोस्ट से यमुनानगर की सड़कों पर दौड़ रही फ़र्ज़ी नंबर प्लेट की सियाज कार को सीआईए टू की टीम ने पकड़ा है। सीआईए टू इन्चार्ज इंस्पेक्टर श्री भगवान यादव ने बताया कि इस कार को लेकर कल एक फेसबुक पर पोस्ट आई थी जिसके बाद हमारी टीम ने इस कार को ट्रेस कर लिया इस कार में एक फ़र्ज़ी आर सी भी मिली है। और ये नंबर भी फ़र्ज़ी है इस बारे पूछताछ भी की जा रही है फ़िलहाल हम मामला दर्ज कर रहे है और हमे उम्मीद है कि इससे कई और खुलासे होंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट के बाद जब सीआईए 2 की टीम ने फ़र्ज़ी नंबर की सियाज़ कार को पकड़ा तो पता चला कि ये कार सोनीपत में टेक्सी पर चलती थी वहां से किराये पर ली और फिर फ़र्ज़ी नंबर बनाकर सड़को पर दौड़ाया जा रहा था। वही दिल्ली पुलिस के लिए भी जांच का विषय था लेकिन इससे फ़र्ज़ी आरसी और कई जगहों से गायब हुई गाड़िया मिलने की उम्मीद भी जगी है।

डीसी ऑफिस में काम करने वाले अजय वीर ने बताया कि कल सुबह जब में घर से आफिस के लिए आ रहा था। मैंने देखा कि एक कार जिसका नंबर hro2as सीरीज की गाड़ी रोड पर चल रही थी। क्योंकि में डीसी आफिस में ही कार्यरत हूं। हमे इस बात का पता है कि इस समय कोन से नंबर की सीरीज चल रही है। मैंने इस गाड़ी की फ़ोटो लेकर अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट की। यहाँ मैंने अपने साथी कर्मचारियों से पूछा सिस्टम में देखा तो पता चला कि ऐसी कोई सीरीज नही चल रही जो कि गाड़ी पर लगी हुई थी। सोशल मीडिया पर इसी सोच से अपलोड किया था कि किसी की हेल्प हो जाये।

वही फेसबुक पर इस कार की पोस्ट को देख बड़ी कारवाई करने वाले सीआईए टू के इंचार्ज इंस्पेक्टर श्री भगवान यादव ने बताया कि कल एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें एक कार की फोटो डाली गई थी ए एस सीरीज की 2213 नंबर की गाड़ी फर्जी नंबर लगाकर सड़कों पर घूम रही है। इसी मैसेज के आधार पर हमने यमुनानगर में सर्च किया तो हमें यह गाड़ी मिली है। इस गाड़ी पर लगा नंबर फर्जी है। असली मालिक सोनीपत का कवर सिंह है गाड़ी की फर्जी आरसी बनवाई गई है हड़तान गांव में खेड़ी लक्खा सिंह पडता है उस पर किसी व्यक्ति के नाम से बनाई गई है वही इस मामले में पूछताछ भी की जा रही है अभी मामला दर्ज कर रहे हैं तफ्तीश जारी है ।

हमें इस बात की उम्मीद है कि इससे कई और खुलासे भी हो सकते हैं कि कहां से यह फर्जी आरसी बनवाई गई उस नेटवर्क तक भी पहुंचा जा सकता है। और इस तरीके से और कितनी गाड़ियां उठाई गई हैं यह सारा जांच का विषय है। फिलहाल शुरुआती जांच में यही पाया गया है जिस व्यक्ति के नाम पर यह आरसी फर्जी बनाई गई है वह हड़तान गांव में किराए पर रहते हैं अभी फिलहाल वहां पर भी कोई नहीं रह रहा है इसी आधार पर हमारी टीम ने सोनीपत से भी पता किया था। यह मैक्सी कैब की गाड़ी थी उससे वह व्यक्ति किराए पर लेकर गया था उसके बाद ना ही वह से मिला ना ही उसे गाड़ी वापिस दी शुरुआती जांच में जो कवंर सिंह नाम का व्यक्ति है जिसके नाम पर यह गाड़ी है उसने बताया है कि यह दिल्ली पुलिस के लिए भी एक जांच का विषय था वह भी जांच में लगी है वहां से भी कई गाड़ियां यह लेकर गया हुआ है वहीं सोशल मीडिया पर यह पोस्ट यहां के एक जागरूक नागरिक द्वारा डाली गई थी जो वायरल हो रही थी।